Wednesday, August 22, 2018

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है-Rakshabandhan Kyon Manate Hai


रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है? Why celebrates raksha bandhan in hindi. Rakshabandhan Kyon Manate Hai?

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है
रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है

त्यौहार मनाने की हमारी प्राचीन परंपरा है| हमारे देश में अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं| मनाए जाने वाले त्योहारों में रक्षाबंधन एक बड़ा त्यौहार है| त्यौहार भाई-बहन के स्नेह का त्यौहार बन गया !

और हर एक त्यौहार मनाने के पीछे कोई न कोई कारण जरुर होता है | उसी प्रकार हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन को त्यौहार मनाया जाता है | अगर आप सोच रहे है की वो क्यों मनाया जाता है तो उसके बारे में हम आपको जानकारी दे देते है |

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है ?

इन्द्रदेव की कहानी :
देव और दानवों में जब युद्ध शुरू हुआ तब दानव जित रहे थे एसा नज़र आ रहा था | भगवान इन्द्र घबरा कर बृहस्पति के पास गये। वहां बैठी इन्द्र की पत्नी इंद्राणी सब सुन रही थी। उन्होंने रेशम का धागा मन्त्रों की शक्ति से पवित्र करके अपने पति के हाथ पर बाँध दिया।
संयोग से वह श्रावण पूर्णिमा का दिन था। लोगों का विश्वास है कि इन्द्र इस लड़ाई में इसी धागे की मन्त्र शक्ति से ही विजयी हुए थे। उसी दिन से श्रावण पूर्णिमा के दिन यह धागा बाँधने की प्रथा चली आ रही है। यह धागा धन, शक्ति, हर्ष और विजय देने में पूरी तरह समर्थ माना जाता है।

महाभारत की कहानी :
में भी इस बात का उल्लेख है कि जब ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा कि मैं सभी संकटों को कैसे पार कर सकता हूँ तब भगवान कृष्ण ने उनकी तथा उनकी सेना की रक्षा के लिये राखी का त्योहार मनाने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि राखी के इस रेशमी धागे में वह शक्ति है जिससे आप हर आपत्ति से मुक्ति पा सकते हैं।

इस समय द्रौपदी द्वारा कृष्ण को तथा कुन्तीद्वारा अभिमन्यु को राखी बाँधने के कई उल्लेख मिलते हैं।  महाभारत में ही रक्षाबन्धन से सम्बन्धित कृष्ण और द्रौपदी का एक और वृत्तान्त भी मिलता है। 
जब कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया तब उनकी तर्जनी में चोट आ गई। द्रौपदी ने उस समय अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उँगली पर पट्टी बाँध दी। यह श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। कृष्ण ने इस उपकार का बदला बाद में चीरहरण के समय उनकी साड़ी को बढ़ाकर चुकाया। कहते हैं परस्पर एक दूसरे की रक्षा और सहयोग की भावना रक्षाबन्धन के पर्व में यहीं से प्रारम्भ हुई।

तो इस प्रकार की और भी कहानियाँ है, जिनके बारे में लिखा गया है | रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के लिए एक अनोखा त्यौहार है |
तो अब आप समझ गए होंगे की आखिर Raksha bandhan का त्यौहार क्यों मनाया जाता है |

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