Tuesday, August 14, 2018

रक्षा बंधन पर निबंध


रक्षा बंधन पर निबंध 

रक्षा बंधन पर निबंध
रक्षा बंधन पर निबंध 



वैसे तो भारत एक त्योहारों का देश है | हमारे हिन्दू संस्कृति में अलग अलग त्योहारों का अपना महत्त्व है | भारत एक मात्र ऐसा देश है जहाँ साल भर कई प्रकार के त्यौहार मनाये जाते है | ऐसा ही एक महत्वपूर्ण त्यौहार है रक्षा बंधन |

रक्षा बंधन भारत में बहुत ही लोकप्रिय त्यौहार है | हर भाई और बहन इस त्यौहार की बड़ी ही उत्सुकता से राह तकते है | भारत में हर समुदाय के लोग इस त्यौहार को बड़ी ही धूम धाम से मानते है | रक्षा बंधन का त्यौहार हर साल श्रावण मास में पूर्णिमा को मनाया जाता है | इस त्यौहार को भाई बहन के प्यार का प्रतिक भी माना गया है |

हर बहन इस पवित्र दिन पर अपने भाई को सुबह जल्दी उठकर उसे तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में राखी बांधकर उसका मुह मिठा करके  उसके उज्वल भविष्य और उसे हमेशा खुश रहने की कामना करती है | और  बदले में भाई उसके रक्षा का वचन देकर अपनी बहन को कुछ भेंट में देता है | इस पवित्र समय पर भाई बहन का आपसी लगाव और प्यार बढ़ जाता है ,और उनका रिश्ता मजबूत हो जाता है |


हिन्दू पुरानो के अनुसार इस त्यौहार की शुरुवात बड़ी ही रोचक घटना से हुयी थी | जब असुरो के राजा बलि जो की महा दानी थे,उनके 100 यज्ञ पुरे ही होने वाले थे,और उसके बाद उन्हें स्वर्ग का राज प्राप्त होना था | इसपर स्वर्ग के राजा इंद्र देव ने भगवन विष्णु जी से प्रार्थना की , की उनके पद की रक्षा करे | इसपर भगवान विष्णु जी ने  उनके पद की रक्षा का आश्वाशन दिया और राजा बलि के पास एक ब्राम्हण वामन रूप में भिक्षुक के रूप में गए | राजा बलि बड़ा ही दानी था |

इसलिए उसने दान मांगने को कहा तब भगवान विष्णु जी ने राजा बलि से तिन पग रखने के लिए स्थान मांगे | तो भगवान विष्णु जी ने एक पैर से सारी पृथ्वी ,दुसरे पग से सारा ब्रम्हांड और तीसरे पग से राजा बलि को पाताल में भेजकर उसे वहां का राजा बना दिया और उसके सदा ही साथ रहने का वचन दिया ,तो लक्ष्मीजी बड़ी ही चिंतित हुयी तो उन्होंने राजा बलि को राखी बांधकर उनसे भगवन विष्णु को मांगकर अपने साथ ले आई | और तब से ही इस त्यौहार की शुरुवात हुयी |

मध्य भारत में भी  रक्षा बंधन के कुछ अटूट उदहारण भी मिलते है | जब सिकंदर और पोरस की लढाई शुरू होने वाली थी तो सिकंदर के पत्नी ने उसे राखी बांधकर अपने पति की रक्षा का वचन लिया तो युध में राजा पोरस ने सिकंदर की जान बक्श दी |

इस तरह के कई उदहारण हमें भारत में मिलते है जिससे इस त्यौहार का महत्त्व हमें समझ आता है | भारत में हर धर्म और समुदाय में इसका विशेष महत्त्व बना हुआ है | भाई बहन के पवित्र रिश्ते तथा उनके आपस के प्यार ,सम्मान का प्रतिक यह त्यौहार हमारे संस्कर्ती को समृध्द करता है |

इस रक्षा बंधन के पवित्र त्यौहार पर हम सब यह निश्चय करे की हम सब भाई बहनों में प्यार सदा ही बना रहे और हर बहन अपने भाई को हमेशा खुश देखे और हर भाई अपने बहन की सदा ही रक्षा करता रहे |
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