Monday, July 30, 2018

Poem On Independence Day Hindi-देश भक्ति कविता


Poem on Independence Day in Hindi, desh bhakti kavita, देश भक्ति कविताए हिंदी में. प्रिय पाठक आज हम इस स्वतंत्रता दिवस पर आपके साथ कुछ हार्टटचिंग देशभक्ति पर कविताए शेयर करने जा रहे है. हमे आशा है, आपको ए पसंद आएगी.
देश भक्ति कविता

Independence Day Poems in Hindi

लाल रक्त से धरा नहाई,
श्वेत नभ पर लालिमा छायी,
आजादी के नव उद्घोष पे,
सबने वीरो की गाथा गायी,
गाँधी ,नेहरु ,पटेल , सुभाष की,
ध्वनि चारो और है छायी,
भगत , राजगुरु और , सुखदेव कीक़ुरबानी से आँखे भर आई ||
ऐ भारत माता तुझसे अनोखी,
और अद्भुत माँ न हमने पाइ ,
हमारे रगों में तेरे क़र्ज़ की,
एक एक बूँद समायी .माथे पर है बांधे कफ़न ,
और तेरी रक्षा की कसम है खाइ,
सरहद पे खड़े रहकर,
आजादी की रीत निभाई.

देश भक्ति कविता

कर गयी पैदा तुझे उस कोख का एहसान है !
सैनिकों के रक्त से आबाद हिन्दुस्तान है !
तिलक किया मस्तक चूमा बोली ये ले कफन तुम्हारा
मैं मां हूं पर बाद में, पहले बेटा वतन तुम्हारा
धन्य है मैया तुम्हारी भेंट में बलिदान में
झुक गया है देश उसके दूध के सम्मान में!
दे दिया है लाल जिसने पुत्र मोह छोड़कर
चाहता हूं आंसुओं से पांव वो पखार दूं
ए शहीद की मां आ तेरी मैं आरती उतार लूं

Sad Poem On Independence Day :

हम तो आज़ाद हुए लड़कर पर
आज़ादी के बाद भी लड़ रहे है
पहले अंग्रेजो से लड़े थे
अब अपनों से लड़ रहे है
आज़ादी से पहले कितने
ख्वाब आँखों में संजो रखे थे
अब आजादी के बाद वो
ख्वाब ,ख्वाब ही रह गए है
अब तो अंग्रेज़ी राज और
इस राज में फर्क न लगे
पहले की वह बद स्थिति
अब बदतर हो गई है .


भारत माँ के अमर सपूतों,
पथ पर आगे बढ़ते जाना,
पर्वत नदियाँ और समंदर,
हंस कर पाया सभी कर जाना,
तुममे हिमगिरी की ऊँचाई,
सागर जैसी गहराई है,
लहरों की मस्ती है तुम में,
सूरज जैसी तरुनाई है,
भगत सिंह, रना प्रताप काबहता रक्त तुम्हारे तन में,
गौतम, गाँधी महावीर सा,
रहता सत्य तुम्हारे मन में,
संकट आया जब धरती पर,
तुमने भीषण संग्राम किया,
मार भगाया दुश्मनों को फिर,
जह में अपना नाम किया.अपने वाले नए विश्वास में,
तुम भी कुछ कर के दिखलाना,
भारत कके उन्नत ललाट को,
जग में उंचा और उठाना. 

Short Independence Day Poem In Hindi 

नहीं सिर्फ जश्न मनाना ,
नहीं सिर्फ झंडे लहराना,
यह काफी नहीं है वतनपरस्थि
यादों को नहीं भुलाना,
जो कुर्बान हुए,
उनके लफ़्ज़ों को आगे बढ़ाना,
खुदा के लिए नहीं,
ज़िन्दगी वतन के लिए निभाना.

Happy Independence Day Poem      


बहुत सह लिए अन्याय अब, ये हालात बदलना चाहता हूँ
सरफरोशी जो जागी है अब , ये जवानी वतन के नाम करना चाहता हूँ

कर रहे बेईमान, भारत माँ का आंचल मैला रोज
भागीरथी मै नहीं मगर, हर गांव में गंगा बहाना चाहता हूँ

लुट रहे भारत माँ को, अपने ही वतनवाले रोज
लुटती हुई भारत माँ की, आबरू बचाना चाहता हूँ

जागते इंसान कर रहे यहाँ मुर्दों सा व्यवहार
मुर्दे भी लगाए जयघोष के नारे, ऐसी अलख जगाना चाहता हूँ

अब जो जागा हू तो मै, कुछ कर गुजरना चाहता हूँ
लगी है आग जो मेरे सीने में, सबके सीने में लगाना चाहता हूँ 

Desh Bhakti Shayari Poems Kavita In Hindi:


भारत देश के प्यारे बच्चों
कर लो आज प्रतिज्ञा तुम
उज्जवल कर दो अपने दम से
देश का कौना कौना तुम!
जाने कितने कष्ट उठाये
और कितनी जान गंवाई हैं
खून से रंग दी अपनी भूमि
तब आजादी पाई है !

गाँधी जी और वीर भगत सिंह
के स्वप्न सलौने तुम
मुश्किल से आजादी पाई
इसे कभी ना खोना तुम!

वीर बनो रणधीर बनो
अन्वेषक बनो और,निरीक्षक बनो
देश की गरिमा तुम से है अब
मात्र भूमि के अंगरक्षक बनो!

देश पर अगर कोई संकट आये
शक्ति का आह्वान करो
लहराओ हाथों में तिरंगा
दिल से इसका सम्मान करो!

उच्छेदन कर दो उस कंटक का
जिसने देश में जड़ें जमाई है
जाने कितने बलिदानों से
ये आजादी पाई है!

देश की उन्नति की राहों पर
आगे कदम बढ़ाना तुम
कितने ही बवंडर आयें
धीरज कभी ना खोना तुम
उज्जवल कर दो अपने दम से
देश का कौना कौना तुम!!


दोस्तों अगर आपको ए देशभक्ति की कविताए पसंद आए तो अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

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